ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 4141.2श्रीरामचरितमानस 41.2ऐसे अधम मनुज खल कृतजुग त्रेता नाहिं। द्वापर कछुक बृंद बहु होइहहिं कलिजुग माहिं ॥40॥पिछलापूरा अध्याय