Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 34.2

संत संग अपबर्ग कर कामी भव कर पंथ।
कहहि संत कबि कोबिद श्रुति पुरान सदग्रंथ ॥33॥

पूरा अध्याय