ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 3030.3श्रीरामचरितमानस 30.3रमानाथ जहँ राजा सो पुर बरनि कि जाइ। अनिमादिक सुख संपदा रहीं अवध सब छाइ ॥29॥पिछलापूरा अध्याय