ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 2121.2श्रीरामचरितमानस 21.2बरनाश्रम निज निज धरम बनिरत बेद पथ लोग। चलहिं सदा पावहिं सुखहि नहिं भय सोक न रोग ॥20॥पिछलापूरा अध्याय