ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 1919.3श्रीरामचरितमानस 19.3निज उर माल बसन मनि बालितनय पहिराइ। बिदा कीन्हि भगवान तब बहु प्रकार समुझाइ ॥18(ख)॥पिछलापूरा अध्याय