ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 130130.2श्रीरामचरितमानस 130.2मैं कृतकृत्य भइउँ अब तव प्रसाद बिस्वेस। उपजी राम भगति दृढ़ बीते सकल कलेस ॥129॥पिछलापूरा अध्याय