ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 110110.3श्रीरामचरितमानस 110.3प्रेरित काल बिधि गिरि जाइ भयउँ मैं ब्याल। पुनि प्रयास बिनु सो तनु जजेउँ गएँ कछु काल ॥109(ख)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय