ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 9898.3श्रीरामचरितमानस 98.3तब रघुपति रावन के सीस भुजा सर चाप। काटे बहुत बढ़े पुनि जिमि तीरथ कर पाप। 97।।पिछलापूरा अध्याय