ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 9090.3श्रीरामचरितमानस 90.3बहुरि राम सब तन चितइ बोले बचन गँभीर। द्वंदजुद्ध देखहु सकल श्रमित भए अति बीर ॥89॥पिछलापूरा अध्याय