ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 99.2श्रीरामचरितमानस 9.2सब के बचन श्रवन सुनि कह प्रहस्त कर जोरि। निति बिरोध न करिअ प्रभु मत्रिंन्ह मति अति थोरि ॥8॥पिछलापूरा अध्याय