Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 88.3

बीर परहिं जनु तीर तरु मज्जा बहु बह फेन।
कादर देखि डरहिं तहँ सुभटन्ह के मन चेन ॥87॥

पूरा अध्याय