Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 82.3

निज दल बिचलत देखेसि बीस भुजाँ दस चाप।
रथ चढ़ि चलेउ दसानन फिरहु फिरहु करि दाप ॥81॥

पूरा अध्याय