ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 7676.2श्रीरामचरितमानस 76.2रघुपति चरन नाइ सिरु चलेउ तुरंत अनंत। अंगद नील मयंद नल संग सुभट हनुमंत ॥75॥पिछलापूरा अध्याय