ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 6666.2श्रीरामचरितमानस 66.2अंगदादि कपि मुरुछित करि समेत सुग्रीव। काँख दाबि कपिराज कहुँ चला अमित बल सींव ॥65॥पिछलापूरा अध्याय