ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 6060.2श्रीरामचरितमानस 60.2लीन्ह कपिहि उर लाइ पुलकित तनु लोचन सजल। प्रीति न हृदयँ समाइ सुमिरि राम रघुकुल तिलक ॥59॥पिछलापूरा अध्याय