ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 5454.2श्रीरामचरितमानस 54.2रुधिर गाड़ भरि भरि जम्यो ऊपर धूरि उड़ाइ। जनु अँगार रासिन्ह पर मृतक धूम रह्यो छाइ ॥53॥पिछलापूरा अध्याय