ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 5050.3श्रीरामचरितमानस 50.3मेघनाद सुनि श्रवन अस गढ़ु पुनि छेंका आइ। उतर्यो बीर दुर्ग तें सन्मुख चल्यो बजाइ ॥49॥पिछलापूरा अध्याय