Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 5.2

सेतुबंध भइ भीर अति कपि नभ पंथ उड़ाहिं।
अपर जलचरन्हि ऊपर चढ़ि चढ़ि पारहि जाहिं ॥4॥

पूरा अध्याय