ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 4444.2श्रीरामचरितमानस 44.2अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल। रन बाँकुरा बालिसुत तरकि चढ़ेउ कपि खेल ॥43॥पिछलापूरा अध्याय