ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 4242.3श्रीरामचरितमानस 42.3एकु एकु निसिचर गहि पुनि कपि चले पराइ। ऊपर आपु हेठ भट गिरहिं धरनि पर आइ ॥41॥पिछलापूरा अध्याय