Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 41.2

नानायुध सर चाप धर जातुधान बल बीर।
कोट कँगूरन्हि चढ़ि गए कोटि कोटि रनधीर ॥40॥

पूरा अध्याय