ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 3434.3श्रीरामचरितमानस 34.3तब सोनित की प्यास तृषित राम सायक निकर। तजउँ तोहि तेहि त्रास कटु जल्पक निसिचर अधम ॥33(ख)॥पिछलापूरा अध्याय