Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 27.2

सेन सहित तब मान मथि बन उजारि पुर जारि।।
कस रे सठ हनुमान कपि गयउ जो तव सुत मारि ॥26॥

पूरा अध्याय