ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 2424.7श्रीरामचरितमानस 24.7हँसि बोलेउ दसमौलि तब कपि कर बड़ गुन एक। जो प्रतिपालइ तासु हित करइ उपाय अनेक ॥23(छ)॥पिछलापूरा अध्याय