ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 2020.2श्रीरामचरितमानस 20.2जथा मत्त गज जूथ महुँ पंचानन चलि जाइ। राम प्रताप सुमिरि मन बैठ सभाँ सिरु नाइ ॥19॥पिछलापूरा अध्याय