ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 121121.3श्रीरामचरितमानस 121.3पुनि प्रभु आइ त्रिबेनीं हरषित मज्जनु कीन्ह। कपिन्ह सहित बिप्रन्ह कहुँ दान बिबिध बिधि दीन्ह ॥120(ख)॥पिछलापूरा अध्याय