ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 1212.3श्रीरामचरितमानस 12.3पूरब दिसा बिलोकि प्रभु देखा उदित मंयक। कहत सबहि देखहु ससिहि मृगपति सरिस असंक ॥11(ख)॥पिछलापूरा अध्याय