ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 114114.10श्रीरामचरितमानस 114.10अब करि कृपा बिलोकि मोहि आयसु देहु कृपाल। काह करौं सुनि प्रिय बचन बोले दीनदयाल ॥113॥पिछलापूरा अध्याय