ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 107107.3श्रीरामचरितमानस 107.3प्रभु के बचन श्रवन सुनि नहिं अघाहिं कपि पुंज। बार बार सिर नावहिं गहहिं सकल पद कंज ॥106॥पिछलापूरा अध्याय