ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 102102.5श्रीरामचरितमानस 102.5जहँ तहँ थकित करि कीस। गर्जेउ बहुरि दससीस।। लछिमन कपीस समेत। भए सकल बीर अचेत ॥5॥पिछलाअगलापूरा अध्याय