ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 5656.3श्रीरामचरितमानस 56.3की तजि मान अनुज इव प्रभु पद पंकज भृंग। होहि कि राम सरानल खल कुल सहित पतंग ॥56(ख)॥पिछलापूरा अध्याय