ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 5151.2श्रीरामचरितमानस 51.2सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह। प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह ॥51॥पिछलापूरा अध्याय