ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 4747.2श्रीरामचरितमानस 47.2-अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज। देखेउँ नयन बिरंचि सिब सेब्य जुगल पद कंज ॥47॥पिछलापूरा अध्याय