ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 3939.3श्रीरामचरितमानस 39.3मुनि पुलस्ति निज सिष्य सन कहि पठई यह बात। तुरत सो मैं प्रभु सन कही पाइ सुअवसरु तात ॥39(ख)॥पिछलापूरा अध्याय