ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 3535.4श्रीरामचरितमानस 35.4एहि बिधि जाइ कृपानिधि उतरे सागर तीर। जहँ तहँ लागे खान फल भालु बिपुल कपि बीर ॥35॥पिछलापूरा अध्याय