ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 3030.2श्रीरामचरितमानस 30.2नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट। लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं बाट ॥30॥पिछलापूरा अध्याय