ग्रंथश्रीरामचरितमानससुन्दरकाण्डदोहा 1111.2श्रीरामचरितमानस 11.2जहँ तहँ गईं सकल तब सीता कर मन सोच। मास दिवस बीतें मोहि मारिहि निसिचर पोच ॥11॥पिछलापूरा अध्याय