ग्रंथश्रीरामचरितमानसकिष्किन्धाकाण्डदोहा 77.2श्रीरामचरितमानस 7.2सुनु सुग्रीव मारिहउँ बालिहि एकहिं बान। ब्रम्ह रुद्र सरनागत गएँ न उबरिहिं प्रान ॥6॥पिछलापूरा अध्याय