ग्रंथश्रीरामचरितमानसकिष्किन्धाकाण्डदोहा 66.2श्रीरामचरितमानस 6.2सखा बचन सुनि हरषे कृपासिधु बलसींव। कारन कवन बसहु बन मोहि कहहु सुग्रीव ॥5॥पिछलापूरा अध्याय