ग्रंथश्रीरामचरितमानसकिष्किन्धाकाण्डदोहा 2727.2श्रीरामचरितमानस 27.2निज इच्छा प्रभु अवतरइ सुर महि गो द्विज लागि। सगुन उपासक संग तहँ रहहिं मोच्छ सब त्यागि ॥26॥पिछलापूरा अध्याय