ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 77.4श्रीरामचरितमानस 7.4कठिन काल मल कोस धर्म न ग्यान न जोग जप। परिहरि सकल भरोस रामहि भजहिं ते चतुर नर ॥6(ख)॥पिछलापूरा अध्याय