ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 3333.6श्रीरामचरितमानस 33.6अबिरल भगति मागि बर गीध गयउ हरिधाम। तेहि की क्रिया जथोचित निज कर कीन्ही राम ॥32॥पिछलापूरा अध्याय