ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 2929.2श्रीरामचरितमानस 29.2क्रोधवंत तब रावन लीन्हिसि रथ बैठाइ। चला गगनपथ आतुर भयँ रथ हाँकि न जाइ ॥28॥पिछलापूरा अध्याय