ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 2626.2श्रीरामचरितमानस 26.2जेहिं ताड़का सुबाहु हति खंडेउ हर कोदंड।। खर दूषन तिसिरा बधेउ मनुज कि अस बरिबंड ॥25॥पिछलापूरा अध्याय