ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 1414.2श्रीरामचरितमानस 14.2गीधराज सैं भैंट भइ बहु बिधि प्रीति बढ़ाइ।। गोदावरी निकट प्रभु रहे परन गृह छाइ ॥13॥पिछलापूरा अध्याय