ग्रंथश्रीरामचरितमानसअरण्यकाण्डदोहा 1313.2श्रीरामचरितमानस 13.2मुनि समूह महँ बैठे सन्मुख सब की ओर। सरद इंदु तन चितवत मानहुँ निकर चकोर ॥12॥पिछलापूरा अध्याय