ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 308308.2श्रीरामचरितमानस 308.2देव देव अभिषेक हित गुर अनुसासनु पाइ। आनेउँ सब तीरथ सलिलु तेहि कहँ काह रजाइ ॥307॥पिछलापूरा अध्याय