ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 284284.2श्रीरामचरितमानस 284.2कौसल्या कह धीर धरि सुनहु देबि मिथिलेसि। को बिबेकनिधि बल्लभहि तुम्हहि सकइ उपदेसि ॥283॥पिछलापूरा अध्याय