ग्रंथश्रीरामचरितमानसअयोध्याकाण्डदोहा 262262.2श्रीरामचरितमानस 262.2साधु सभा गुर प्रभु निकट कहउँ सुथल सति भाउ। प्रेम प्रपंचु कि झूठ फुर जानहिं मुनि रघुराउ ॥261॥पिछलापूरा अध्याय