Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 252.3

बिहरहिं बन चहु ओर प्रतिदिन प्रमुदित लोग सब।
जल ज्यों दादुर मोर भए पीन पावस प्रथम ॥251॥

पूरा अध्याय